मीडिया पर 124 रिसर्च पेपर पेश किए जा रहे हैं इस सम्मेलन में

नोएडा। 10 मार्च। बहसलाइव.कॉम संवाददाता। मीडिया के साथ जितना ग्लैमर जुड़ा हुआ है, उतनी ही चुनौतियां भी। मीडिया के बारे में सभी बात करना चाहते हैं, लेकिन इसके लिए मीडिया के मुद्दों की सही समझ होना भी ज़रूरी है। इसी मकसद से दिल्ली मेट्रोपॉलिटन एजुकेशन कॉलेज (डीएमई) के मीडिया स्कूल ने नोएडा में तीन दिन का एक अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन ‘इंडिया एंड चेंजिंग आसपेक्ट ऑफ न्यूज’ (आईकैन-2018) आयोजित किया है, जो शुक्रवार 9 मार्च को शुरू हो चुका है और रविवार 11 मार्च तक चलेगा। इस सम्मेलन की ख़ास बात यह है कि इसमें मीडिया से जुड़े विभिन्न पहलुओं को कवर करते हुए कुल 124 अंतर्राष्ट्रीय रिसर्च पेपर प्रस्तुत किए जा रहे हैं। इनमें 25 शोध पत्र हिन्दी में हैं, जबकि बाकी अंग्रेज़ी में हैं।

 

सम्मेलन को संबोधित करते वरिष्ठ पत्रकार प्रभात शुंगलू

डीएमई मीडिया स्कूल के सलाहकार प्रोफेसर अंबरीष सक्सेना ने बताया कि भारत में समाचार के बदलते पहलुओं को केंद्र में रखकर आयोजित इस कॉन्फ्रेंस में ऑस्ट्रेलिया, ब्रिटेन, अमेरिका, बांग्लादेश और नेपाल के रिसर्च स्कॉलर भी मीडिया से जुड़े विषयों पर अपने शोध-पत्र प्रस्तुत कर रहे हैं। ख़ास बात यह है कि सभी 124 शोध-पत्रों को 4 खंडों में पुस्तक रूप में भी छापा जाएगा।

 

अंतर्राष्ट्रीय मीडिया सम्मेलन की शुरुआत पूर्व बीबीसी पत्रकार मार्क टुली के वीडियो संदेश से हुई। उन्होंने कहा कि सनसनीखेज ख़बरों के इस्तेमाल के पीछे एक बड़ी वजह ज्यादातर मीडिया समूहों के मालिकों का व्यापारी होना भी है, लेकिन ख़बरों में सच्चाई और निष्पक्षता ज़रूरी है।

 

‘इंडिया एंड चेंजिंग आसपेक्ट ऑफ न्यूज’ (आईकैन-2018) के उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए वरिष्ठ पत्रकार प्रभात शुंगलू ने कहा कि मीडिया को जज बनने से बचना चाहिए। विशिष्ट अतिथि और यूनस्को इंडिया के प्रोग्राम ऑफिसर (कम्युनिकेशन) अनिर्बान सरमा ने पत्रकारों की बढ़ती हत्याओं पर चिंता जाहिर की।

 

सम्मेलन में मौजूद देश विदेश के मीडिया छात्र, विशेषज्ञ और मीडियाकर्मी

इस अंतर्राष्ट्रीय मीडिया सम्मेलन में देश-विदेश के अनेक मीडिया शिक्षक, शोधकर्ता, छात्र और मीडियाकर्मी भाग ले रहे हैं। सभी अतिथियों का स्वागत डीएमई मीडिया स्कूल की प्रभारी प्रोफेसर (डॉ.) सुस्मिता बाला ने किया। उद्घाटन सत्र को पूर्व आईआईएमसी प्रोफेसर प्रदीप माथुर, डीएमई के वाइस चेयरमैन अमन साहनी, ऑफिसिएटिंग डायरेक्टर डॉ. भावीश गुप्ता ने भी संबोधित किया।

 

सम्मेलन के दूसरे दिन यानी शनिवार 10 मार्च को शाम 5 बजे से एक सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजन भी होना है, जबकि अंतिम दिन यानी रविवार 9 मार्च को शोधकर्ताओं के लिए नेपाल के वरिष्ठ संचारविद डॉ. निर्मल मणि अधिकारी की विशेष मास्टर क्लास भी होगी।

 

इस सम्मेलन के मुख्य आकर्षणों में भारत की विविधता थीम पर छात्र-छात्राओं द्वारा तैयार एक फोटो प्रदर्शनी भी है, जिसे लोग बड़े चाव से देख रहे हैं और छात्रों के प्रयासों की सराहना कर रहे हैं।

 

भारत की विविधता विषय पर छात्रों द्वारा तैयार की गई फ़ोटो प्रदर्शनी

 

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