बाबा पुराण: जानिए, बाबा लोगों के नाम में क्यों लगाया जाता था श्री श्री 108/1008

बाबा पुराण: जानिए, बाबा लोगों के नाम में क्यों लगाया जाता था श्री श्री 108/1008

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जब देश में पढ़े-लिखे नौजवान एक ढाबा तक नहीं खोल पाते थे, तब बाबा लोग चाँदी काट रहे थे। हर तरफ बाबा लोगों की धूम थी और बाबा बाज़ार में बूम आ गया था। 133 करोड़ लोगों के मुल्क में जहां हज़ारों-लाखों…

व्यंग्य: जहां न पर मार सके परिंदा, वहां भी पहुंच जाए दरिंदा

व्यंग्य: जहां न पर मार सके परिंदा, वहां भी पहुंच जाए दरिंदा

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‘जहां न पहुंचे रवि, वहां पहुंचे कवि’ वाली कहावत पुरानी हुई। वैसे भी कवि अब वहीं तक पहुंच पाते हैं, जहां तक उन्हें उपकृत-पुरस्कृत करने वाले पहुंचने देते हैं। साथ ही, कवि अब स्वयं भी उन अंधेरी जगहों तक नहीं पहुंचना चाहते,…