यह RSS की जीत और प्रणब मुखर्जी की हार है!
On : --राजनीति में शब्दों से अधिक कर्म का महत्व होता है. लेकिन शब्द और कर्म कितने भी पवित्र हों, नीयत कितनी भी साफ हो, कई बार संदर्भ बदलने से उनका अर्थ वह नहीं रहता जिसकी अपेक्षा की जाती है. मतलब शब्द के मायने…





