10 साल उपराष्ट्रपति रहकर भी धार्मिक खोल से बाहर नहीं निकल पाए हामिद अंसारी!
On : --जब आप एक धार्मिक खोल में लिपटे रहते हैं, तो आपकी वह स्वीकार्यता नहीं बन पाती, जो संवैधानिक पद पर बैठे किसी व्यक्ति की होनी चाहिए। हामिद अंसारी के साथ भी ऐसा ही हुआ। देश के बहुसंख्यक, खासकर राष्ट्रवादी और हिन्दुत्ववादी लोग…
