लालू-नीतीश तलाक प्रसंग: हम विचारों को बदलते रोज़ लुंगी की तरह, मुल्क को अब है बजाना रोज़ पुंगी की तरह!

लालू-नीतीश तलाक प्रसंग: हम विचारों को बदलते रोज़ लुंगी की तरह, मुल्क को अब है बजाना रोज़ पुंगी की तरह!

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नेता और एक आम आदमी में क्या फ़र्क़ होता है, इसकी सबसे अच्छी मिसाल मुझे घर में ही मिल जाती है। मेरे पिताजी ने भी छात्र जीवन में जेपी आंदोलन में हिस्सा लिया था, राजनीति में गहरी दिलचस्पी थी, लेकिन जीवन की…