व्यभिचार को अपराध नहीं मानने के सुप्रीम कोर्ट के फ़ैसले से केवल 19% लोग सहमत

व्यभिचार को अपराध नहीं मानने के सुप्रीम कोर्ट के फ़ैसले से केवल 19% लोग सहमत

On : --

आईपीसी की धारा 497 को ख़त्म किए जाने और व्यभिचार को अपराध के दायरे से मुक्त करने के सुप्रीम कोर्ट के फैसले से देश भर में निराशा का वातावरण है। ऐसा लगता है कि देश की अधिसंख्य आबादी सुप्रीम कोर्ट के इस…

जस्टिस दीपक मिश्रा ने किया निराश, जस्टिस रंजन गोगोई जगाएं नई आशा!

जस्टिस दीपक मिश्रा ने किया निराश, जस्टिस रंजन गोगोई जगाएं नई आशा!

On : --

जस्टिस दीपक मिश्रा संभवतः भारत के इतिहास के सबसे विवादास्पद चीफ जस्टिस रहे। सुप्रीम कोर्ट के अंदर क्या खेल चल रहा था, यह तो नए चीफ जस्टिस रंजन गोगोई सहित उनके ख़िलाफ़ प्रेस कांफ्रेंस करने वाले चार जज बेहतर जानते होंगे, लेकिन…

महिलाओं की सारी समस्याएं सुलझ चुकीं, केवल सेक्स और पूजा का अधिकार ही बाकी था!

महिलाओं की सारी समस्याएं सुलझ चुकीं, केवल सेक्स और पूजा का अधिकार ही बाकी था!

On : --

मुझे माफ़ करना दोस्तो। पिछले कुछ दिनों में कुछ ज़्यादा ही अपच सच बोल चुका हूं, इसलिए एक और बोल दूं तो अधिक फ़र्क़ नहीं पड़ेगा। इस देश में जेंडर इक्वैलिटी की लड़ाई दिशा भटक चुकी है। वामपंथी फेमिनिस्टों के लिए जेंडर…

कोर्ट अगर संविधान की ‘मनमानी व्याख्या’ करे, तो संसद निभाए उस व्याख्या की समीक्षा का दायित्व!

कोर्ट अगर संविधान की ‘मनमानी व्याख्या’ करे, तो संसद निभाए उस व्याख्या की समीक्षा का दायित्व!

On : --

आईपीसी की धारा 497 को निरस्त कर व्यभिचार को अपराध के दायरे से बाहर करने के सुप्रीम कोर्ट के फैसले से मैंने खुलकर अपनी असहमति जताई थी। इसी संदर्भ में यह सवाल भी उठाया कि अगर सुप्रीम कोर्ट को कानून बनाने का…

धारा 497: एक त्रुटिपूर्ण कानून पर सुप्रीम कोर्ट का त्रुटिपूर्ण फ़ैसला!

धारा 497: एक त्रुटिपूर्ण कानून पर सुप्रीम कोर्ट का त्रुटिपूर्ण फ़ैसला!

On : --

शिकारी आएगा, जाल बिछाएगा, दाना डालेगा, पर तुम उसमें फंसना नहीं। बचपन में पढ़ी गई शिकारी और कबूतरों की कहानी का यह सार अपने दिमाग में फिर से उतार लीजिए और अपने जीवनसाथी को भी न फंसने के लिए आगाह कीजिए। व्यभिचार…

विशुद्ध राजनीतिक ढोंग है राहुल गांधी की कैलाश मानसरोवर यात्रा

विशुद्ध राजनीतिक ढोंग है राहुल गांधी की कैलाश मानसरोवर यात्रा

On : --

राहुल गांधी या तो स्वयं दिशाहीन और दिग्भ्रमित पॉलीटीशियन हैं या फिर देश की बहुसंख्य जनता को अपने पूर्वजों की तरह बेवकूफ और अपनी गुलाम प्रजा समझते हैं। एक तरफ तो वे (1) आइसिस जैसे कुख्यात संगठनों के आतंकवादियों को बेरोज़गारी से…

जेएनयू कांड के आरोपी देशद्रोही हैं या भगत सिंह- जल्दी बताइए सरकार!

जेएनयू कांड के आरोपी देशद्रोही हैं या भगत सिंह- जल्दी बताइए सरकार!

On : --

जेएनयू में अफजल गुरु और मकबूल भट्ट जैसे कुख्यात आतंकवादियों की बरसी मनाए जाने की घटना और “भारत तेरे टुकड़े होंगे” और “बंदूक के दम पर आज़ादी” जैसे नारे बेहद विचलित करने वाले थे। अब तक वहां से कोई ऐसा सबूत नहीं…

हे नीतीश कुमार जी, आप शर्मिंदा न हों, सत्ता में बैठे लोग शर्मिंदा नहीं होते!

हे नीतीश कुमार जी, आप शर्मिंदा न हों, सत्ता में बैठे लोग शर्मिंदा नहीं होते!

On : --

लोकतंत्र की सबसे बड़ी खूबी यह है कि जहां सरकार में बैठे लोगों को कभी शर्म नहीं आती, वहीं विपक्ष में बैठे लोग अक्सर शर्मिंदा होते रहते हैं। बिहार में जब राजद विधायक राजबल्लभ यादव द्वारा एक नाबालिग लड़की से बलात्कार की…

बंटवारे की राजनीति के बीच सभी हिन्दुओं और मुसलमानों से एक बेहद ज़रूरी अपील

बंटवारे की राजनीति के बीच सभी हिन्दुओं और मुसलमानों से एक बेहद ज़रूरी अपील

On : --

बड़े ही अफ़सोस की बात है कि देश में हिन्दुओं और मुसलमानों के बीच खाई बढ़ती ही जा रही है। कई जगहों पर हिन्दुओं के हाथों मुसलमान मारे जा रहे हैं, तो कई जगहों पर मुसलमानों के हाथों हिन्दू भी मारे जा…

लालू के राजद को छोड़ कोई भी क्षेत्रीय पार्टी मोदी की गोदी में बैठ सकती है, टीडीपी भी!

लालू के राजद को छोड़ कोई भी क्षेत्रीय पार्टी मोदी की गोदी में बैठ सकती है, टीडीपी भी!

On : --

मेरे अनेक बीजेपी-विरोधी मित्र आदरणीय राहुल गांधी जी की ही तरह काफी मैच्योर हैं। इसका बड़ा सबूत यह है कि वे इन दिनों तेलुगु देशम पार्टी और उसके नेता चंद्रबाबू नायडू पर लहालोट हुए जा रहे हैं। जबकि मेरा मानना है कि…