व्यंग्य: जनता के हिस्से केवल ख्वाब और चूहों को पिलाई जा रही शराब!

व्यंग्य: जनता के हिस्से केवल ख्वाब और चूहों को पिलाई जा रही शराब!

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बिहार के लोग आज अपनी किस्मत को कोस रहे होंगे कि वे चूहा-कुल में पैदा क्यों नहीं हुए? जैसे, घोड़ों को नहीं मिलती घास, और गधे खाते हैं च्यवनप्राश। ठीक इसी प्रकार, बिहार में आदमी के हिस्से हैं केवल ख्वाब और चूहों…