बाबा पुराण: जानिए, बाबा लोगों के नाम में क्यों लगाया जाता था श्री श्री 108/1008

बाबा पुराण: जानिए, बाबा लोगों के नाम में क्यों लगाया जाता था श्री श्री 108/1008

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जब देश में पढ़े-लिखे नौजवान एक ढाबा तक नहीं खोल पाते थे, तब बाबा लोग चाँदी काट रहे थे। हर तरफ बाबा लोगों की धूम थी और बाबा बाज़ार में बूम आ गया था। 133 करोड़ लोगों के मुल्क में जहां हज़ारों-लाखों…

व्यंग्य: जहां न पर मार सके परिंदा, वहां भी पहुंच जाए दरिंदा

व्यंग्य: जहां न पर मार सके परिंदा, वहां भी पहुंच जाए दरिंदा

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‘जहां न पहुंचे रवि, वहां पहुंचे कवि’ वाली कहावत पुरानी हुई। वैसे भी कवि अब वहीं तक पहुंच पाते हैं, जहां तक उन्हें उपकृत-पुरस्कृत करने वाले पहुंचने देते हैं। साथ ही, कवि अब स्वयं भी उन अंधेरी जगहों तक नहीं पहुंचना चाहते,…

व्यंग्य: राष्ट्रपति पद की गरिमा सुरक्षित व बरकरार रखने के दस नायाब सुझाव

व्यंग्य: राष्ट्रपति पद की गरिमा सुरक्षित व बरकरार रखने के दस नायाब सुझाव

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भारत में जिस तरह से राष्ट्रपति के चुनाव होते रहे हैं, उन्हें देखकर मेरे कुछ सुझाव हैं, जिन्हें मानना चाहें तो मानें… न मानना चाहें तो भी कोई बात नहीं। (1) राष्ट्रपति को देश का पहला नागरिक नहीं, देश का पहला रबड़-स्टाम्प…