बंटवारे की राजनीति के बीच सभी हिन्दुओं और मुसलमानों से एक बेहद ज़रूरी अपील

बंटवारे की राजनीति के बीच सभी हिन्दुओं और मुसलमानों से एक बेहद ज़रूरी अपील

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बड़े ही अफ़सोस की बात है कि देश में हिन्दुओं और मुसलमानों के बीच खाई बढ़ती ही जा रही है। कई जगहों पर हिन्दुओं के हाथों मुसलमान मारे जा रहे हैं, तो कई जगहों पर मुसलमानों के हाथों हिन्दू भी मारे जा…

कोर्ट और कांग्रेस का रिश्ता देख याद आ जाती है साधु और बिच्छू की कहानी!

कोर्ट और कांग्रेस का रिश्ता देख याद आ जाती है साधु और बिच्छू की कहानी!

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कांग्रेस ने पहले न्याय और लोकतंत्र का खूब मखौल उड़ाया है, इसका मतलब यह नहीं कि न्याय मांगने और हासिल करने का उसे अधिकार नहीं है। लेकिन उसे हड़बड़ाना नहीं चाहिए और कोर्ट पर पूरा भरोसा रखना चाहिए, क्योंकि उसके सामने ऐसे…

कर्नाटक का नाटक कहता है- जैसी करनी, वैसी भरनी

कर्नाटक का नाटक कहता है- जैसी करनी, वैसी भरनी

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मौजूदा संवैधानिक स्थिति (जितनी मेरी समझ है) और राजनीतिक शुचिता (यहां पर मेरा मतलब मूलतः हॉर्स ट्रेडिंग रोकने भर से है) के लिहाज से यह बेहतर होता कि बीजेपी कर्नाटक में कांग्रेस-जेडीएस की सरकार बनने देती, लेकिन ऐसा लगता है कि बीजेपी…

मुस्लिम-विरोधी संगठन है मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड, बीजेपी को पहुंचा रहा फ़ायदा!

मुस्लिम-विरोधी संगठन है मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड, बीजेपी को पहुंचा रहा फ़ायदा!

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मेरा मानना है कि अयोध्या विवाद का हल अगर दोनों समुदायों के मेल-जोल से निकल आए, तो इससे अच्छी बात कुछ भी नहीं हो सकती। कोर्ट के फैसले से कोई एक पक्ष तो मायूस अवश्य होगा, लेकिन दोनों पक्ष अगर मिल-बैठकर रास्ता…

मोदी जी, आडवाणी को राष्ट्रपति बनाने से आपका कद छोटा नहीं होगा, और बड़ा हो जाएगा!

मोदी जी, आडवाणी को राष्ट्रपति बनाने से आपका कद छोटा नहीं होगा, और बड़ा हो जाएगा!

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देखिए, अगर बीजेपी आडवाणी को राष्ट्रपति पद का उम्मीदवार बनाती है, तो उन्हें नीतीश कुमार (जेडीयू) भी सपोर्ट करेंगे, मुलायम सिंह (सपा) भी करेंगे, अरविंद केजरीवाल (आआपा) भी करेंगे, एआईएडीएमके भी करेगी और थोड़ी ना-नुकुर के बाद ममता बनर्जी (तृणमूल कांग्रेस) भी…

आडवाणी के रहते किसी और को राष्ट्रपति बनाना बीजेपी की कृतघ्नता होगी!

आडवाणी के रहते किसी और को राष्ट्रपति बनाना बीजेपी की कृतघ्नता होगी!

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हर बार राष्ट्रपति चुनाव से पहले आम सहमति का राग छेड़ा जाता है, जबकि हमें मालूम है कि नीलम संजीव रेड्डी को छोड़कर आज तक कोई भी राष्ट्रपति निर्विरोध नहीं चुने जा सके। …और अब तो देश के राजनीतिक हालात ऐसे हैं…