चार साल के भीतर मोदी-आरएसएस की गोदी में वापस आ बैठना नीतीश की बहुत बड़ी हार है!

चार साल के भीतर मोदी-आरएसएस की गोदी में वापस आ बैठना नीतीश की बहुत बड़ी हार है!

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आज की पहली बधाई बीजेपी को, जिसने बिहार में हारी हुई बाज़ी को भी आख़िरकार जीत में तब्दील कर लिया। 2015 की हार मामूली नहीं थी, लेकिन 20 महीने के भीतर उससे उबरते हुए राज्य की आधी सरकार हथिया लेना, अपने मुख्य…

व्यंग्य: जहां न पर मार सके परिंदा, वहां भी पहुंच जाए दरिंदा

व्यंग्य: जहां न पर मार सके परिंदा, वहां भी पहुंच जाए दरिंदा

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‘जहां न पहुंचे रवि, वहां पहुंचे कवि’ वाली कहावत पुरानी हुई। वैसे भी कवि अब वहीं तक पहुंच पाते हैं, जहां तक उन्हें उपकृत-पुरस्कृत करने वाले पहुंचने देते हैं। साथ ही, कवि अब स्वयं भी उन अंधेरी जगहों तक नहीं पहुंचना चाहते,…

कश्मीरियत का ढोल पीटना विशुद्ध बेशर्मी है!

कश्मीरियत का ढोल पीटना विशुद्ध बेशर्मी है!

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रक्तपिपासु राजनीति और टीआरपी-लोलुप मीडिया मिलकर ऐसे-ऐसे जुमले गढ़ लेते हैं, जिनका वास्तविकता से कोई लेना-देना नहीं होता। ऐसा ही एक जुमला है- “कश्मीरियत।” न जाने किस कश्मीरियत का ढोल ये लोग पीटते रहते हैं? कश्मीरियत तो 27 साल पहले उसी दिन…

खुला पत्र: महबूबा मुफ्ती जी, दिखाइए तो किस कश्मीरी का माथा शर्म से झुका हुआ है!

खुला पत्र: महबूबा मुफ्ती जी, दिखाइए तो किस कश्मीरी का माथा शर्म से झुका हुआ है!

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आदरणीया महबूबा मुफ्ती जी, जब भी कश्मीर में कोई आतंकी हमला होता है, आपके मुताबिक हर बार कश्मीरियों का सिर शर्म से झुक जाता है। लेकिन हमने तो कश्मीरियों का शर्म से झुका हुआ सिर आज तक नहीं देखा। पहले वहां से…

मेरी हिन्दू दुकान, तेरी मुस्लिम दुकान… भाड़ में जाए मानवता और ईमान!

मेरी हिन्दू दुकान, तेरी मुस्लिम दुकान… भाड़ में जाए मानवता और ईमान!

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नरेश ने सीट विवाद में जुनैद की हत्या कर दी। आदिल ने 21 साल की रिया गौतम की हत्या कर दी। कुछ लोग, जिन्हें हिन्दू कहा गया, उन्होंने कथित गोमांस भक्षक अखलाक की हत्या कर दी। कुछ लोग, जिन्हें मुस्लिम कहा गया,…

व्यंग्य: राष्ट्रपति पद की गरिमा सुरक्षित व बरकरार रखने के दस नायाब सुझाव

व्यंग्य: राष्ट्रपति पद की गरिमा सुरक्षित व बरकरार रखने के दस नायाब सुझाव

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भारत में जिस तरह से राष्ट्रपति के चुनाव होते रहे हैं, उन्हें देखकर मेरे कुछ सुझाव हैं, जिन्हें मानना चाहें तो मानें… न मानना चाहें तो भी कोई बात नहीं। (1) राष्ट्रपति को देश का पहला नागरिक नहीं, देश का पहला रबड़-स्टाम्प…

दलितों को नहीं कोई अहसान चाहिए… केवल वाजिब हक और सम्मान चाहिए!

दलितों को नहीं कोई अहसान चाहिए… केवल वाजिब हक और सम्मान चाहिए!

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दलितों को नहीं कोई अहसान चाहिए। उन्हें उनका वाजिब हक और सम्मान चाहिए। जब सारे दलित बढ़ेंगे, तब मानूंगा कि हमने दलितों के लिए कुछ किया है। दो-चार लोगों को ख़ास पदों पर बिठा देने से क्या होगा? गणेश राम को जेल…

कविता: राहुल बाबा फिर विदेश चले गए हैं!

कविता: राहुल बाबा फिर विदेश चले गए हैं!

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पिछले साल की बात है। इंदिरा गांधी, राजीव गांधी और संजय गांधी की कोटरी का अहम सदस्य रहे एक पुराने कांग्रेस नेता से बात हो रही थी। मैंने कहा- “राहुल गांधी सियासत में सीरियस ही नहीं हैं।” उन्होंने कहा- “ऐसा आप किस…

आडवाणी-कोविंद प्रसंग : मूर्तियां तोड़ने और गढ़ने का नाम ही राजनीति है!

आडवाणी-कोविंद प्रसंग : मूर्तियां तोड़ने और गढ़ने का नाम ही राजनीति है!

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राजनीति बड़ी निर्मम होती है। इसमें पुरानी स्थापित मूर्तियों को तोड़ने और नई मूर्तियों को स्थापित करने का काम आवश्यकतानुसार चलता रहता है। आडवाणी और रामनाथ कोविंद के प्रसंग में इस बात को बखूबी समझा जा सकता है। एक व्यक्ति, जिसका छह…