कर्नाटक का नाटक कहता है- जैसी करनी, वैसी भरनी

कर्नाटक का नाटक कहता है- जैसी करनी, वैसी भरनी

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मौजूदा संवैधानिक स्थिति (जितनी मेरी समझ है) और राजनीतिक शुचिता (यहां पर मेरा मतलब मूलतः हॉर्स ट्रेडिंग रोकने भर से है) के लिहाज से यह बेहतर होता कि बीजेपी कर्नाटक में कांग्रेस-जेडीएस की सरकार बनने देती, लेकिन ऐसा लगता है कि बीजेपी…

व्यंग्य: लोग कहते हैं बहुमत लाना, राहुल गांधी समझते हैं बहू मत लाना!

व्यंग्य: लोग कहते हैं बहुमत लाना, राहुल गांधी समझते हैं बहू मत लाना!

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जब लोग कहते हैं कि प्रधानमंत्री बनने के लिए राहुल गांधी “बहुमत लाएं”, तो राहुल गांधी समझते हैं कि लोग कह रहे हैं “बहू मत लाएं।” अगर ऐसा समझते हैं तो कितना “हू-ब-हू” समझते हैं राहुल गांधी! हालांकि इस पर विद्वानों में…

चीफ जस्टिस महाभियोग मामला: इन 10 बिन्दुओं से एक बार फिर खुल गई कांग्रेस की मलिन राजनीति की पोल

चीफ जस्टिस महाभियोग मामला: इन 10 बिन्दुओं से एक बार फिर खुल गई कांग्रेस की मलिन राजनीति की पोल

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कांग्रेस के दो राज्यसभा सांसद चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया दीपक मिश्रा के ख़िलाफ़ महाभियोग प्रस्ताव को उपराष्ट्रपति द्वारा खारिज किए जाने को चुनौती देने के लिए सुप्रीम कोर्ट में गए थे। महाभियोग प्रस्ताव पर छह दलों के 64 सांसदों के हस्ताक्षर थे,…

शराब पीने वाला ‘शराबी’ कहलाता है, उसे ‘सेक्युलर’ कबसे कहा जाने लगा?

शराब पीने वाला ‘शराबी’ कहलाता है, उसे ‘सेक्युलर’ कबसे कहा जाने लगा?

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अपनी बेबाक टिप्पणियों के लिए मशहूर वरिष्ठ लेखक-पत्रकार अभिरंजन कुमार ने फिर एक ऐसी बात कह दी है, जिससे मोहम्मद अली जिन्ना में सेक्युलर की तलाश करते रहने वाले लोगों की बोलती बंद हो जाएगी। फेसबुक पर लिखे अपने एक पोस्ट में…

गांधी की मूर्ति हृदय में रखिए, जिन्ना की तस्वीर कूड़ेदान में डाल दीजिए

गांधी की मूर्ति हृदय में रखिए, जिन्ना की तस्वीर कूड़ेदान में डाल दीजिए

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जिन्ना विवाद पर मैं ख़ामोश था, क्योंकि यह महसूस हो रहा है कि हमारे राजनीतिक दल देश की जनता के बुनियादी मुद्दों पर बात नहीं करना चाहते और अन्य भावनात्मक मुद्दों में आपको उलझाए रखना चाहते हैं। लेकिन फिर मेरा यह भी…

बाबा पुराण: जानिए, बाबा लोगों के नाम में क्यों लगाया जाता था श्री श्री 108/1008

बाबा पुराण: जानिए, बाबा लोगों के नाम में क्यों लगाया जाता था श्री श्री 108/1008

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जब देश में पढ़े-लिखे नौजवान एक ढाबा तक नहीं खोल पाते थे, तब बाबा लोग चाँदी काट रहे थे। हर तरफ बाबा लोगों की धूम थी और बाबा बाज़ार में बूम आ गया था। 133 करोड़ लोगों के मुल्क में जहां हज़ारों-लाखों…

वाह! दलीय नेताओं की मीटिंग करके दलगत राजनीति से मुक्त हो गए यशवंत सिन्हा जी!

वाह! दलीय नेताओं की मीटिंग करके दलगत राजनीति से मुक्त हो गए यशवंत सिन्हा जी!

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राजनीति और जीवन में हर व्यक्ति के साथ ऐसा समय आता है, जब अगली पीढ़ियां दायित्व संभाल लेती हैं और उसकी प्रासंगिकता कम हो जाती है। ऐसे समय में लालकृष्ण आडवाणी की तरह शांत और गंभीर हो जाना चाहिए, यशवंत सिन्हा की…

बिना ठोस जनसंख्या नियंत्रण नीति के मुर्गी बाज़ार बन जाएगा देश!

बिना ठोस जनसंख्या नियंत्रण नीति के मुर्गी बाज़ार बन जाएगा देश!

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न मैं इस बात से सहमत हूं कि कांग्रेस-राज के 60 सालों में कोई काम नहीं हुआ, न इस बात से सहमत हूं कि मोदी-राज में पिछले 4 सालों से कोई काम नहीं हो रहा। सच्चाई यह है कि कांग्रेस को 60…

कसाब नहीं पकड़ा गया होता, तो मुंबई अटैक मामले में भी RSS को फंसा देती कांग्रेस!

कसाब नहीं पकड़ा गया होता, तो मुंबई अटैक मामले में भी RSS को फंसा देती कांग्रेस!

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लोकतंत्र के तो केवल चार स्तम्भ हैं, लेकिन कांग्रेस पार्टी के चालीस स्तम्भ हैं। उसके कौन से स्तम्भ कब कौन-सा बवाल खड़ा कर दें, कोई नहीं जानता। इस देश में आजकल जो बहुत सारी अप्रिय घटनाओं का शोर सुनाई देता है, कोई…