व्यंग्य: लोग कहते हैं बहुमत लाना, राहुल गांधी समझते हैं बहू मत लाना!

व्यंग्य: लोग कहते हैं बहुमत लाना, राहुल गांधी समझते हैं बहू मत लाना!

On : --

जब लोग कहते हैं कि प्रधानमंत्री बनने के लिए राहुल गांधी “बहुमत लाएं”, तो राहुल गांधी समझते हैं कि लोग कह रहे हैं “बहू मत लाएं।” अगर ऐसा समझते हैं तो कितना “हू-ब-हू” समझते हैं राहुल गांधी! हालांकि इस पर विद्वानों में…

बाबा पुराण: जानिए, बाबा लोगों के नाम में क्यों लगाया जाता था श्री श्री 108/1008

बाबा पुराण: जानिए, बाबा लोगों के नाम में क्यों लगाया जाता था श्री श्री 108/1008

On : --

जब देश में पढ़े-लिखे नौजवान एक ढाबा तक नहीं खोल पाते थे, तब बाबा लोग चाँदी काट रहे थे। हर तरफ बाबा लोगों की धूम थी और बाबा बाज़ार में बूम आ गया था। 133 करोड़ लोगों के मुल्क में जहां हज़ारों-लाखों…

बिहार में दंगों पर हम ‘उचित समय’ पर काबू पा लेंगे- इस ड्रीम इंटरव्यू में बोले नीतीश कुमार

बिहार में दंगों पर हम ‘उचित समय’ पर काबू पा लेंगे- इस ड्रीम इंटरव्यू में बोले नीतीश कुमार

On : --

हिन्दी के वरिष्ठ लेखक, पत्रकार और मानवतावादी चिंतक अभिरंजन कुमार ने अपनी फेसबुक वॉल पर एक रोचक पोस्ट किया है, जिसमें उन्होंने बिहार के मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार से अपने ‘ड्रीम इंटरव्यू’ का ज़िक्र किया है। बिहार के अलग-अलग इलाकों में हो…

व्यंग्य: इन दस वजहों से नानीघर गए होंगे राहुल गांधी

व्यंग्य: इन दस वजहों से नानीघर गए होंगे राहुल गांधी

On : --

राहुल गांधी जन्म से ही भारत के एक बेहद लोकप्रिय नेता हैं। जहां कुछ लोग प्यार से उन्हें पप्पू कहते हैं, वहीं कई लोग आदर से उन्हें राहुल बाबा कहते हैं। भारत में नेता जहां कुर्सी के पीछे भागने के लिए जाने…

व्यंग्य: “तीन तलाक” छोड़िए, “जय श्री राम” बोलिए, मौलाना स्वतः संज्ञान लेकर तलाक करा देंगे!

व्यंग्य: “तीन तलाक” छोड़िए, “जय श्री राम” बोलिए, मौलाना स्वतः संज्ञान लेकर तलाक करा देंगे!

On : --

बिहार के विधायक और नीतीश-मोदी सरकार में मंत्री बने खुर्शीद आलम सुपरहिट हो गए हैं। एक तरफ़, हिन्दू उनके “जय श्री राम” बोलने से इतने गदगद हैं कि अगर मोहन भागवत जी आज सरप्राइज़ एनाउंसमेंट कर दें कि अगले सरसंघचालक खुर्शीद आलम…

व्यंग्य: जहां न पर मार सके परिंदा, वहां भी पहुंच जाए दरिंदा

व्यंग्य: जहां न पर मार सके परिंदा, वहां भी पहुंच जाए दरिंदा

On : --

‘जहां न पहुंचे रवि, वहां पहुंचे कवि’ वाली कहावत पुरानी हुई। वैसे भी कवि अब वहीं तक पहुंच पाते हैं, जहां तक उन्हें उपकृत-पुरस्कृत करने वाले पहुंचने देते हैं। साथ ही, कवि अब स्वयं भी उन अंधेरी जगहों तक नहीं पहुंचना चाहते,…

व्यंग्य: राष्ट्रपति पद की गरिमा सुरक्षित व बरकरार रखने के दस नायाब सुझाव

व्यंग्य: राष्ट्रपति पद की गरिमा सुरक्षित व बरकरार रखने के दस नायाब सुझाव

On : --

भारत में जिस तरह से राष्ट्रपति के चुनाव होते रहे हैं, उन्हें देखकर मेरे कुछ सुझाव हैं, जिन्हें मानना चाहें तो मानें… न मानना चाहें तो भी कोई बात नहीं। (1) राष्ट्रपति को देश का पहला नागरिक नहीं, देश का पहला रबड़-स्टाम्प…

व्यंग्य: जनता के हिस्से केवल ख्वाब और चूहों को पिलाई जा रही शराब!

व्यंग्य: जनता के हिस्से केवल ख्वाब और चूहों को पिलाई जा रही शराब!

On : --

बिहार के लोग आज अपनी किस्मत को कोस रहे होंगे कि वे चूहा-कुल में पैदा क्यों नहीं हुए? जैसे, घोड़ों को नहीं मिलती घास, और गधे खाते हैं च्यवनप्राश। ठीक इसी प्रकार, बिहार में आदमी के हिस्से हैं केवल ख्वाब और चूहों…

मैं बुद्धिजीवी आप परजीवी (कविता)

मैं बुद्धिजीवी आप परजीवी (कविता)

On : --

मैं बुद्धिजीवी। आप परजीवी। आइए हम सब आतंकवादियों द्वारा मारे गए लोगों के प्रति दुख प्रकट करें फिर आतंकवादियों को सज़ा दिए जाने का विरोध करें। कभी किसी ग़रीब, किसान, औरत, नौजवान बूढ़े, बच्चे के अधिकार का ज़िक्र तक न करें लेकिन…