हे नीतीश कुमार जी, आप शर्मिंदा न हों, सत्ता में बैठे लोग शर्मिंदा नहीं होते!

हे नीतीश कुमार जी, आप शर्मिंदा न हों, सत्ता में बैठे लोग शर्मिंदा नहीं होते!

On : --

लोकतंत्र की सबसे बड़ी खूबी यह है कि जहां सरकार में बैठे लोगों को कभी शर्म नहीं आती, वहीं विपक्ष में बैठे लोग अक्सर शर्मिंदा होते रहते हैं। बिहार में जब राजद विधायक राजबल्लभ यादव द्वारा एक नाबालिग लड़की से बलात्कार की…

बंटवारे की राजनीति के बीच सभी हिन्दुओं और मुसलमानों से एक बेहद ज़रूरी अपील

बंटवारे की राजनीति के बीच सभी हिन्दुओं और मुसलमानों से एक बेहद ज़रूरी अपील

On : --

बड़े ही अफ़सोस की बात है कि देश में हिन्दुओं और मुसलमानों के बीच खाई बढ़ती ही जा रही है। कई जगहों पर हिन्दुओं के हाथों मुसलमान मारे जा रहे हैं, तो कई जगहों पर मुसलमानों के हाथों हिन्दू भी मारे जा…

लालू के राजद को छोड़ कोई भी क्षेत्रीय पार्टी मोदी की गोदी में बैठ सकती है, टीडीपी भी!

लालू के राजद को छोड़ कोई भी क्षेत्रीय पार्टी मोदी की गोदी में बैठ सकती है, टीडीपी भी!

On : --

मेरे अनेक बीजेपी-विरोधी मित्र आदरणीय राहुल गांधी जी की ही तरह काफी मैच्योर हैं। इसका बड़ा सबूत यह है कि वे इन दिनों तेलुगु देशम पार्टी और उसके नेता चंद्रबाबू नायडू पर लहालोट हुए जा रहे हैं। जबकि मेरा मानना है कि…

राहुल बाबा, आपमें कब आएगी मैच्योरिटी?

राहुल बाबा, आपमें कब आएगी मैच्योरिटी?

On : --

ये पांच गलतियां कर राहुल ने ख़ुद ही कर लिया अपने अच्छे भाषण का सत्यानाश ऐसा लगता है कि राहुल गांधी में मैच्योरिटी अब नहीं आ पाएगी। जब वे संसद में भाषण दे रहे थे, तो मैंने सोचा था कि चूंकि उनकी…

हिन्दुत्व के नाम पर हिंसा का समर्थन देश को सचमुच में ‘हिन्दू पाकिस्तान’ बना देगा!

हिन्दुत्व के नाम पर हिंसा का समर्थन देश को सचमुच में ‘हिन्दू पाकिस्तान’ बना देगा!

On : --

पिछले महीनों में देश में मॉब लिंचिंग की कई घटनाओं, उनपर सुप्रीम कोर्ट की कड़ी टिप्पणी, और फिर झारखंड में एक राजनीतिक दल/विचार से कथित रूप से जुड़े गली के कुछ गुंडों द्वारा स्वामी अग्निवेश की पिटाई से विचलित हूं। इससे भी…

यह RSS की जीत और प्रणब मुखर्जी की हार है!

यह RSS की जीत और प्रणब मुखर्जी की हार है!

On : --

राजनीति में शब्दों से अधिक कर्म का महत्व होता है. लेकिन शब्द और कर्म कितने भी पवित्र हों, नीयत कितनी भी साफ हो, कई बार संदर्भ बदलने से उनका अर्थ वह नहीं रहता जिसकी अपेक्षा की जाती है. मतलब शब्द के मायने…

ख़ुद किसी एजेंडे का हिस्सा लगता है कोबरा पोस्ट का स्टिंग ऑपरेशन

ख़ुद किसी एजेंडे का हिस्सा लगता है कोबरा पोस्ट का स्टिंग ऑपरेशन

On : --

कोबरा पोस्ट का स्टिंग ऑपरेशन मैंने नहीं देखा है। यूं भी अब मैं कोई स्टिंग ऑपरेशन तब तक नहीं देखता, जब तक कि उसका रॉ फुटेज मुझे देखने को न मिले। बिना रॉ फुटेज सार्वजनिक हुए एडिटेड वीडियो वाले स्टिंग ऑपरेशनों की…

कोर्ट और कांग्रेस का रिश्ता देख याद आ जाती है साधु और बिच्छू की कहानी!

कोर्ट और कांग्रेस का रिश्ता देख याद आ जाती है साधु और बिच्छू की कहानी!

On : --

कांग्रेस ने पहले न्याय और लोकतंत्र का खूब मखौल उड़ाया है, इसका मतलब यह नहीं कि न्याय मांगने और हासिल करने का उसे अधिकार नहीं है। लेकिन उसे हड़बड़ाना नहीं चाहिए और कोर्ट पर पूरा भरोसा रखना चाहिए, क्योंकि उसके सामने ऐसे…

कर्नाटक का नाटक कहता है- जैसी करनी, वैसी भरनी

कर्नाटक का नाटक कहता है- जैसी करनी, वैसी भरनी

On : --

मौजूदा संवैधानिक स्थिति (जितनी मेरी समझ है) और राजनीतिक शुचिता (यहां पर मेरा मतलब मूलतः हॉर्स ट्रेडिंग रोकने भर से है) के लिहाज से यह बेहतर होता कि बीजेपी कर्नाटक में कांग्रेस-जेडीएस की सरकार बनने देती, लेकिन ऐसा लगता है कि बीजेपी…