कविता: राहुल बाबा फिर विदेश चले गए हैं

कविता: राहुल बाबा फिर विदेश चले गए हैं

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साहित्य में इसे ही कहते हैं कालजयी कविता। 20 जून 2016 को लिखी गई यह कविता बार-बार प्रासंगिक हो उठती है। ऐन तीन राज्यों के चुनाव परिणाम के समय राहुल बाबा फिर विदेश चले गए हैं। इससे पहले वे पिछले साल राष्ट्रपति…

कविता: राहुल बाबा फिर विदेश चले गए हैं!

कविता: राहुल बाबा फिर विदेश चले गए हैं!

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पिछले साल की बात है। इंदिरा गांधी, राजीव गांधी और संजय गांधी की कोटरी का अहम सदस्य रहे एक पुराने कांग्रेस नेता से बात हो रही थी। मैंने कहा- “राहुल गांधी सियासत में सीरियस ही नहीं हैं।” उन्होंने कहा- “ऐसा आप किस…

मैं बुद्धिजीवी आप परजीवी (कविता)

मैं बुद्धिजीवी आप परजीवी (कविता)

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मैं बुद्धिजीवी। आप परजीवी। आइए हम सब आतंकवादियों द्वारा मारे गए लोगों के प्रति दुख प्रकट करें फिर आतंकवादियों को सज़ा दिए जाने का विरोध करें। कभी किसी ग़रीब, किसान, औरत, नौजवान बूढ़े, बच्चे के अधिकार का ज़िक्र तक न करें लेकिन…