कोर्ट अगर संविधान की ‘मनमानी व्याख्या’ करे, तो संसद निभाए उस व्याख्या की समीक्षा का दायित्व!

कोर्ट अगर संविधान की ‘मनमानी व्याख्या’ करे, तो संसद निभाए उस व्याख्या की समीक्षा का दायित्व!

On : --

आईपीसी की धारा 497 को निरस्त कर व्यभिचार को अपराध के दायरे से बाहर करने के सुप्रीम कोर्ट के फैसले से मैंने खुलकर अपनी असहमति जताई थी। इसी संदर्भ में यह सवाल भी उठाया कि अगर सुप्रीम कोर्ट को कानून बनाने का…

हे नीतीश कुमार जी, आप शर्मिंदा न हों, सत्ता में बैठे लोग शर्मिंदा नहीं होते!

हे नीतीश कुमार जी, आप शर्मिंदा न हों, सत्ता में बैठे लोग शर्मिंदा नहीं होते!

On : --

लोकतंत्र की सबसे बड़ी खूबी यह है कि जहां सरकार में बैठे लोगों को कभी शर्म नहीं आती, वहीं विपक्ष में बैठे लोग अक्सर शर्मिंदा होते रहते हैं। बिहार में जब राजद विधायक राजबल्लभ यादव द्वारा एक नाबालिग लड़की से बलात्कार की…

इनसेफलाइटिस प्रसंग: एक ‘हत्यारी सरकार’ जाती है, दूसरी ‘हत्यारी सरकार’ आती है!

इनसेफलाइटिस प्रसंग: एक ‘हत्यारी सरकार’ जाती है, दूसरी ‘हत्यारी सरकार’ आती है!

On : --

यूपी के स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह ने गोरखपुर में इनसेफलाइटिस के कहर को लेकर जो जानकारी दी है, वह ख़ौफ़नाक है। उनके मुताबिक, “हर साल अगस्त में ज्यादा मौतें होती हैं। अगस्त के महीने में 2014 में बीआरडी के पीडियाट्रिक विंग…