एनडीटीवी में हमेशा मौजूद थे सांप्रदायिक तत्व और एकतरफ़ा थी अभिव्यक्ति की आज़ादी!

एनडीटीवी में हमेशा मौजूद थे सांप्रदायिक तत्व और एकतरफ़ा थी अभिव्यक्ति की आज़ादी!

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इस लिहाज से एनडीटीवी एक भला चैनल था कि अन्य चैनलों में बकवास बहुत चलता था, लेकिन एनडीटीवी पर सिर्फ़ ख़बरें चलती थीं। लेकिन इसके साथ ही वहां एक बहुत बड़ी बुराई भी थी कि अक्सर ख़बरों में मिलावट कर दी जाती…

माफ़ कीजिए, इस बार मैं स्वाधीनता दिवस नहीं मना रहा!

माफ़ कीजिए, इस बार मैं स्वाधीनता दिवस नहीं मना रहा!

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देखिए, इस बार मुझे जन्माष्टमी और स्वाधीनता दिवस का अधिक उत्साह इसलिए नहीं है, क्योंकि एक तरफ़ व्यवस्था का शिकार होकर बड़ी संख्या में नागरिक मरते जाते हैं, दूसरी तरफ़ जीवित बचे नागरिक व्यवस्था से बेहतर की उम्मीद बांधे जिए जाते हैं।…

इनसेफलाइटिस प्रसंग: एक ‘हत्यारी सरकार’ जाती है, दूसरी ‘हत्यारी सरकार’ आती है!

इनसेफलाइटिस प्रसंग: एक ‘हत्यारी सरकार’ जाती है, दूसरी ‘हत्यारी सरकार’ आती है!

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यूपी के स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह ने गोरखपुर में इनसेफलाइटिस के कहर को लेकर जो जानकारी दी है, वह ख़ौफ़नाक है। उनके मुताबिक, “हर साल अगस्त में ज्यादा मौतें होती हैं। अगस्त के महीने में 2014 में बीआरडी के पीडियाट्रिक विंग…

ऑक्सीजन की कमी से बचपन में ही गुज़र गए 63 रामनाथ कोविंद और नरेंद्र मोदी!

ऑक्सीजन की कमी से बचपन में ही गुज़र गए 63 रामनाथ कोविंद और नरेंद्र मोदी!

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गोरखपुर में 63 बच्चों की मौत की ख़बर सुनकर सन्न हूं। इतने सारे बच्चे, जिन्हें समूची इक्कीसवीं सदी जीनी थी, शायद 22वीं सदी में भी कुछ साल बिताना था, हम सब लोग जीवित रहे और वे हमें छोड़कर चले गए। और ज़्यादा घुटन…

मेरी हिन्दू दुकान, तेरी मुस्लिम दुकान… भाड़ में जाए मानवता और ईमान!

मेरी हिन्दू दुकान, तेरी मुस्लिम दुकान… भाड़ में जाए मानवता और ईमान!

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नरेश ने सीट विवाद में जुनैद की हत्या कर दी। आदिल ने 21 साल की रिया गौतम की हत्या कर दी। कुछ लोग, जिन्हें हिन्दू कहा गया, उन्होंने कथित गोमांस भक्षक अखलाक की हत्या कर दी। कुछ लोग, जिन्हें मुस्लिम कहा गया,…

व्यंग्य: राष्ट्रपति पद की गरिमा सुरक्षित व बरकरार रखने के दस नायाब सुझाव

व्यंग्य: राष्ट्रपति पद की गरिमा सुरक्षित व बरकरार रखने के दस नायाब सुझाव

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भारत में जिस तरह से राष्ट्रपति के चुनाव होते रहे हैं, उन्हें देखकर मेरे कुछ सुझाव हैं, जिन्हें मानना चाहें तो मानें… न मानना चाहें तो भी कोई बात नहीं। (1) राष्ट्रपति को देश का पहला नागरिक नहीं, देश का पहला रबड़-स्टाम्प…

आडवाणी-कोविंद प्रसंग : मूर्तियां तोड़ने और गढ़ने का नाम ही राजनीति है!

आडवाणी-कोविंद प्रसंग : मूर्तियां तोड़ने और गढ़ने का नाम ही राजनीति है!

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राजनीति बड़ी निर्मम होती है। इसमें पुरानी स्थापित मूर्तियों को तोड़ने और नई मूर्तियों को स्थापित करने का काम आवश्यकतानुसार चलता रहता है। आडवाणी और रामनाथ कोविंद के प्रसंग में इस बात को बखूबी समझा जा सकता है। एक व्यक्ति, जिसका छह…

रामनाथ कोविंद होंगे रबड़ स्टाम्प राष्ट्रपति… उन्हें तो बिहार के लोग भी नहीं जानते!

रामनाथ कोविंद होंगे रबड़ स्टाम्प राष्ट्रपति… उन्हें तो बिहार के लोग भी नहीं जानते!

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त्वरित टिप्पणी: बीजेपी ने बिहार के राज्यपाल रामनाथ कोविंद को राष्ट्रपति पद के लिए आगे किया है, लेकिन इससे कोई फ़र्क़ नहीं पड़ता। मैं अपने पिछले दोनों लेखों में व्यक्त विचार पर कायम हूं। बीजेपी ने आडवाणी के साथ कृतघ्नता की है।…

मोदी जी, आडवाणी को राष्ट्रपति बनाने से आपका कद छोटा नहीं होगा, और बड़ा हो जाएगा!

मोदी जी, आडवाणी को राष्ट्रपति बनाने से आपका कद छोटा नहीं होगा, और बड़ा हो जाएगा!

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देखिए, अगर बीजेपी आडवाणी को राष्ट्रपति पद का उम्मीदवार बनाती है, तो उन्हें नीतीश कुमार (जेडीयू) भी सपोर्ट करेंगे, मुलायम सिंह (सपा) भी करेंगे, अरविंद केजरीवाल (आआपा) भी करेंगे, एआईएडीएमके भी करेगी और थोड़ी ना-नुकुर के बाद ममता बनर्जी (तृणमूल कांग्रेस) भी…

आडवाणी के रहते किसी और को राष्ट्रपति बनाना बीजेपी की कृतघ्नता होगी!

आडवाणी के रहते किसी और को राष्ट्रपति बनाना बीजेपी की कृतघ्नता होगी!

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हर बार राष्ट्रपति चुनाव से पहले आम सहमति का राग छेड़ा जाता है, जबकि हमें मालूम है कि नीलम संजीव रेड्डी को छोड़कर आज तक कोई भी राष्ट्रपति निर्विरोध नहीं चुने जा सके। …और अब तो देश के राजनीतिक हालात ऐसे हैं…