दलितों को नहीं कोई अहसान चाहिए… केवल वाजिब हक और सम्मान चाहिए!

दलितों को नहीं कोई अहसान चाहिए… केवल वाजिब हक और सम्मान चाहिए!

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दलितों को नहीं कोई अहसान चाहिए। उन्हें उनका वाजिब हक और सम्मान चाहिए। जब सारे दलित बढ़ेंगे, तब मानूंगा कि हमने दलितों के लिए कुछ किया है। दो-चार लोगों को ख़ास पदों पर बिठा देने से क्या होगा? गणेश राम को जेल…

कविता: राहुल बाबा फिर विदेश चले गए हैं!

कविता: राहुल बाबा फिर विदेश चले गए हैं!

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पिछले साल की बात है। इंदिरा गांधी, राजीव गांधी और संजय गांधी की कोटरी का अहम सदस्य रहे एक पुराने कांग्रेस नेता से बात हो रही थी। मैंने कहा- “राहुल गांधी सियासत में सीरियस ही नहीं हैं।” उन्होंने कहा- “ऐसा आप किस…

आडवाणी-कोविंद प्रसंग : मूर्तियां तोड़ने और गढ़ने का नाम ही राजनीति है!

आडवाणी-कोविंद प्रसंग : मूर्तियां तोड़ने और गढ़ने का नाम ही राजनीति है!

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राजनीति बड़ी निर्मम होती है। इसमें पुरानी स्थापित मूर्तियों को तोड़ने और नई मूर्तियों को स्थापित करने का काम आवश्यकतानुसार चलता रहता है। आडवाणी और रामनाथ कोविंद के प्रसंग में इस बात को बखूबी समझा जा सकता है। एक व्यक्ति, जिसका छह…

रामनाथ कोविंद होंगे रबड़ स्टाम्प राष्ट्रपति… उन्हें तो बिहार के लोग भी नहीं जानते!

रामनाथ कोविंद होंगे रबड़ स्टाम्प राष्ट्रपति… उन्हें तो बिहार के लोग भी नहीं जानते!

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त्वरित टिप्पणी: बीजेपी ने बिहार के राज्यपाल रामनाथ कोविंद को राष्ट्रपति पद के लिए आगे किया है, लेकिन इससे कोई फ़र्क़ नहीं पड़ता। मैं अपने पिछले दोनों लेखों में व्यक्त विचार पर कायम हूं। बीजेपी ने आडवाणी के साथ कृतघ्नता की है।…

मोदी जी, आडवाणी को राष्ट्रपति बनाने से आपका कद छोटा नहीं होगा, और बड़ा हो जाएगा!

मोदी जी, आडवाणी को राष्ट्रपति बनाने से आपका कद छोटा नहीं होगा, और बड़ा हो जाएगा!

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देखिए, अगर बीजेपी आडवाणी को राष्ट्रपति पद का उम्मीदवार बनाती है, तो उन्हें नीतीश कुमार (जेडीयू) भी सपोर्ट करेंगे, मुलायम सिंह (सपा) भी करेंगे, अरविंद केजरीवाल (आआपा) भी करेंगे, एआईएडीएमके भी करेगी और थोड़ी ना-नुकुर के बाद ममता बनर्जी (तृणमूल कांग्रेस) भी…

आडवाणी के रहते किसी और को राष्ट्रपति बनाना बीजेपी की कृतघ्नता होगी!

आडवाणी के रहते किसी और को राष्ट्रपति बनाना बीजेपी की कृतघ्नता होगी!

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हर बार राष्ट्रपति चुनाव से पहले आम सहमति का राग छेड़ा जाता है, जबकि हमें मालूम है कि नीलम संजीव रेड्डी को छोड़कर आज तक कोई भी राष्ट्रपति निर्विरोध नहीं चुने जा सके। …और अब तो देश के राजनीतिक हालात ऐसे हैं…

है अंधेरी रात, पर दीपक जलाना कब मना है?

है अंधेरी रात, पर दीपक जलाना कब मना है?

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मनुष्य ने समाज का निर्माण एक ऐसी संस्था के रूप में किया था, जहां वह ख़ुद को सुरक्षित महसूस कर सके, एक दूसरे के सहयोग से अपना आर्थिक एवं सामाजिक विकास कर सके। पहले लोग सामाजिक समन्वय के सिद्धांत पर काम करते…

मुसलमानों की लाश पर इस्लाम का झंडा फहराता है पाकिस्तान!

मुसलमानों की लाश पर इस्लाम का झंडा फहराता है पाकिस्तान!

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जीवन में तीसरी बार “तैमूर” नाम सुन रहा हूं। एक था तैमूर लंग, कुख्यात आक्रमणकारी। दूसरा सैफ अली खान और करीना कपूर का बेटा, जिसे यह नाम मिलते ही देश भर में विवाद शुरू हो गया। और तीसरा वह तैमूर है, जो…

एनडीटीवी प्रसंग:  हम कौन थे, क्या हो गए, और क्या होंगे अभी?

एनडीटीवी प्रसंग:  हम कौन थे, क्या हो गए, और क्या होंगे अभी?

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एनडीटीवी में हमने छह साल से अधिक समय तक काम किया है। आज भी वहां सगे भाई-बहन समान हमारे कई प्यारे दोस्त हैं। इसलिए हमारा सुझाव और हमारी भावना है कि आप अपनी बात को मज़बूती से रखें। प्रेस फ्रीडम पर हमला…